पटना, बिहार। बिहार में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद प्रशासन एक्शन मोड में नजर आ रहा है। हाल ही में हुए मंत्रियों के विभाग आवंटन के बाद राज्यभर में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ बड़े पैमाने पर बुलडोजर अभियान तेज कर दिया गया है। राजधानी पटना से लेकर कई जिलों में सरकारी जमीन, सड़क, नालों और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है।
पटना में कई अवैध मकान गिराए गए
राजधानी पटना में नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने कई इलाकों में कार्रवाई की।
कंकड़बाग, राजीव नगर, अनीसाबाद और बाइपास रोड के पास अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत अवैध मकानों और दुकानों को गिराया गया। प्रशासन ने पहले नोटिस दिया था, लेकिन समय सीमा के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर बुलडोजर चलाए गए।
कई जिलों में भी चला अभियान
पटना के अलावा गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, समस्तीपुर और दरभंगा जैसे जिलों में भी कार्रवाई जारी है।
कई जगह स्थानीय लोगों ने प्रशासन का सहयोग किया, जबकि कुछ स्थानों पर विरोध भी देखने को मिला। इसके बावजूद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभियान जारी रखा।
नई सरकार ने दिए कड़े निर्देश
नई सरकार द्वारा मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपने के बाद ही यह संकेत दे दिया गया था कि विकास कार्यों में बाधा बनने वाले अवैध निर्माणों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त और निरंतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
सार्वजनिक संपत्ति को मुक्त कराना प्राथमिकता
अतिक्रमण हटाओ अभियान का मकसद न केवल सड़क चौड़ीकरण और यातायात सुगमता है, बल्कि वर्षों से कब्जा किए गए सरकारी भूमि को मुक्त कराना भी है।
कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाने के बाद पार्किंग, सड़क विस्तार और नए विकास कार्यों की तैयारी शुरू हो गई है।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे स्वयं अवैध निर्माण हटाएं और सरकारी जमीन पर कब्जा करने से बचें।
अधिकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि बिना नोटिस और कार्रवाई से बचने की उम्मीद किसी को नहीं करनी चाहिए।